उत्तराखंड विधानसभा से ‘अम्ब्रेला एक्ट’ पास, मंत्री धनसिंह रावत ने जताई खुशी, जाने विशेषता

dhan singh rawat

देहरादून: उत्तराखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2020 को विधानसभा में सर्वसम्मति से पास कर दिया गया है। वर्ष 1973 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब विश्वविद्यालयों के लिए अलग से एक एकीकृत एक्ट लाया गया है। विधानसभा से ‘अम्ब्रेला एक्ट’ पास होने पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व प्रदेश कैबिनेट के सहयोगियों सहित विधानसभा सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी राज्य विश्वविद्यालय अपने पृथक-पृथक अधिनियमों से संचालित हो रहे हैं। जिस कारण विश्वविद्यालयों के संचालन में प्रशासनिक एवं शैक्षणिक व्यवस्था करने में एकरूपता नहीं आ रही थी। लिहाजा नए अम्ब्रेला एक्ट आने से अब राज्य के समस्त राज्य पोषित विश्वविद्यालयों में एक समान स्वायत एवं उत्तरदायी प्रशासन की स्थापना हो सकेगी।

डॉ रावत ने बताया कि, अम्ब्रेला एक्ट के तहत विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति में नए प्रावधान किए हैं। अब कुलपति 03 वर्ष की अवधि या 70 वर्ष की आयु तक पद पर नियुक्ति पा सकेगा। नए नियमों के तहत कुलपति को अधिकतम एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया जा सकेगा। इसके अलावा कुलपति चयन समिति में नए प्रावधानों के तहत 5 सदस्य होंगे, जबकि पहले 3 सदस्य का प्रावधन था।

कुलसचिव की नियुक्ति की प्रक्रिया एवं सेवा शर्तों में परिवर्तन कर अब राज्य विहित केंद्रीयकृत सेवा नियमों के अनुसार होगी। जिसमे यूजीसी मानकों के तहत 50 फीसदी पद विभागीय पदोन्नति से जबकि, 50 फीसदी सीधी भर्ती द्वारा भरे जाएंगे। हालांकि अन्य सेवा शर्तें राज्य सरकार के अनुसार होंगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय के अन्य प्राधिकारियों के चयन एवं अन्य सेवा शर्तों का भी अम्ब्रेला एक्ट में उपबन्ध किया गया है।

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