उत्तराखंड: कोरोना से जिन्दगी की जंग हारे एसपी राजीव मोहन, कोरोना काल में किया था दिलेरी से काम

sp rajiv mohan

हल्द्वानी: कोरोना से जंग लड़ रहे एसपी ट्रैफिक राजीव मोहन का मंगलवार शाम निधन हो गया। 40 वर्षीय एसपी 15 दिन से मैक्स अस्पताल दिल्ली में भर्ती थे। कोरोना संक्रमित होने पर उन्हें दिल्ली ले जाया गया था। बताया जा रहा है कि वह मधुमेह और उच्च रक्तचाप से भी पीड़ित थे।

कोरोना काल में किया दिलेरी से काम

हल्द्वानी से लेकर दिल्ली तक 24 दिनों तक मौत से जंग लडऩे वाले एसपी राजीव वेंटिलेटर पर थे। डायबिटिज, न्यूमोनिया व सांस लेने में दिक्कत के चलते वेंटिलेटर पर रख उनका उपचार किया जा रहा था। उनके निधन की सूचना मिलने पर उत्तराखंड पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ पड़ी। उनकी गिनती सरल स्वभाव व इमानदार छवि वाले अफसर की थी। कोरोना काल में नोडल अधिकारी के पद पर काफी दिलेरी के साथ उन्होंने काम किया।

खबर सुनकर पत्नी और मां बदहवास

अल्मोड़ा जिले में ग्राम पंचायत जेठुआ (मासी) के पुराना डांग निवासी राजीव मोहन पुत्र सुरेंद्र सिंह 2009 बैच के पीपीएस अधिकारी थे। एसपी के निधन होने की जानकारी मिलने पर उनकी पत्नी इंदू नैनवाल और मां नंदी देवी बदहवास हो गई। वहीं एसपी राजीव मोहन के पिता सुरेंद्र कुमार उनकी पार्थिव देह को लेने के लिए दिल्ली गए हुए हैं।

2009 में पुलिस उपाधीक्षक के पद पर हुए थे भर्ती

राजीव मोहन सात अगस्त 2009 में पुलिस उपाधीक्षक के पद पर भर्ती हुए थे। दो जनवरी 2019 को अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर उनकी प्रोन्नति हुई थी। एसपी (ट्रैफिक) राजीव मोहन का पहली पत्नी से तलाक हो गया था। पहली पत्नी से दो बच्चे हैं। दूसरी शादी डेढ़ साल पहले इंदू नैनवाल से हुई थी। उनका परिवार ईसाई नगर प्रथम लामाचौड़ स्थित मकान में रहता है।

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