उत्तराखंड: बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले का पर्दाफाश करवाने वाले लांबा की गोली लगने से मौत, जांच में जुटी पुलिस

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हरिद्वार: उत्तराखंड में बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले का पर्दाफाश करवाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता पंकज लांबा की गोली लगने से मौत हो गई। घटना हरिद्वार की रानीपुर कोतवाली के सुमन नगर क्षेत्र की है। शुक्रवार रात लांबा दो दोस्तों के साथ सुमन नगर स्थित अपने परिचित के घर गए थे। बताया जा रहा है कि एक नाबालिग के असलहा देखने के दौरान अचानक गोली चल गई और युवक को लग गई। मगर यह कहानी पुलिस के गले नहीं उतर रही है, फिलहाल दोनों नाबालिग बहनों और पंकज के दोस्त कासिम और मनोज शक के दायरे में हैं। इन सभी से पूछताछ की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात लांबा दो दोस्तों के साथ सुमन नगर स्थित अपने परिचित के घर गए थे। परिचित ने दिल्ली में दूसरी शादी कर ली है, जबकि उनकी दो लड़कियां और दो बेटे सुमन नगर में रहते हैं। चारों बच्चे नाबालिग हैं। पुलिस के मुताबिक पंकज लांबा ने दोस्तों के साथ मिलकर नाबालिग बच्चों के साथ पार्टी की। बताया जा रहा है कि एक नाबालिग बहन के असलहा देखने के दौरान अचानक गोली चल गई और युवक को लग गई। गोली लगने से घायल एक युवक को तड़के एक निजी अस्पताल में लाया गया था, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया गया है कि दो युवकों ने शराब पी हुई थी। सामाजिक कार्यकर्ता लांबा का करोड़ों रुपए की छात्रवृत्ति घोटाले से जुड़ाव होने के कारण पुलिस इस मामले को अलग-अलग एंगल से जोड़कर देख रही है और जांच में जुट गई है।

गौरतलब है कि, बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाला उजागर करने में पंकज लांबा ने अहम भूमिका निभाई थी। सूचना के अधिकार में जानकारियां लेकर पंकज ने ही हरिद्वार में सबसे पहले छात्रवृत्ति घोटाले होने का दावा किया था। पंकज लांबा की शिकायत पर ही वर्ष 2011-12 से वर्ष 2016 तक अनुसूचित जाति जनजाति छात्रवृत्ति घोटाले का खुलासा हो सका। बाद में हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर होने के बाद सरकार ने इस मामले की जांच कराई। घोटाले में कुछ दिन पहले ही एसआईटी ने एक आरोपी को सहारनपुर से गिरफ्तार भी किया है।

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