सावधान! उत्तराखंड में मिला कोरोना के नए स्ट्रेन का पहला मामला, कोरोना मरीजों से अलग आइसोलेट, जाने कितना खतरनाक..

देहरादून: उत्तराखंड में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन ने दस्तक दे दी है। देहरादून में कोरोना के नए स्ट्रेन का यह पहला मामला सामने आया है। दिल्ली से आई जांच रिपोर्ट में मरीज मे ‘ब्रिटेन में मिले नए स्ट्रेन’ की पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट के बाद से स्ट्रेन के नए मरीज को तीलू रौतेली छात्रावास स्थित कोविड केयर सेंटर में आइसोलेट कर दिया गया है।

छह लोगों के सैंपल नए स्ट्रेन की जांच के लिए नई दिल्ली भेजे गए

जानकारी के मुताबिक कुछ दिन पहले ब्रिटेन से आने वाले लोगों के संपर्क में आए देहरादून के छह लोगों ने अपनी कोरोना जांच कराई थी। कोरोना पॉजिटिव आने पर यही सैंपल नए स्ट्रेन की जांच के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए नई दिल्ली भेजे गए थे। इनमें से पांच लोगों की जीनोम सिक्वेसिंग रिपोर्ट निगेटिव आई थी।

देहरादून निवासी 44 वर्षीय व्यक्ति में न्यू स्ट्रेन

गुरुवार को देहरादून के एमडीडीए केदारपुर निवासी 44 वर्षीय व्यक्ति की रिपोर्ट में नए कोरोना स्ट्रेन (ब्रिटेन वाला कोरोना)  की पुष्टि हुई है। मरीज के कुछ रिश्तेदार आयरलैंड से उनके पास दून आए थे। उनके जाने के बाद मरीज को कोरोना जैसे लक्षण नजर आए। जिस पर उन्होंने कोरोना जांच कराई थी। मरीज को आइसोलेशन में रखा गया था। नए कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद उन्हें अलग वार्ड में भर्ती किया गया है।

पुराने कोरोना मरीजों से रखा गया अलग

वहीं स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अमिता उप्रेती ने बताया कि कोरोना के नए स्ट्रेन को लेकर महकमा सतर्क है। जिस मरीज में नए स्ट्रेन की पुष्टि हुई है, उसकी पूरी निगरानी की जा रही है। ऐसे मरीजों के लिए पुराने कोरोना मरीजों से इतर अलग जनरल और आईसीयू वार्ड बनाए गए हैं।

पहले वाले वायरस के मुक़ाबले 70 प्रतिशत अधिक संक्रामक

गौरतलब है कि, कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन लंदन और दक्षिण-पूर्वी इंग्लैंड में तेज़ी से फैल रहा है। दावा है कि ये पहले वाले वायरस के मुक़ाबले 70 प्रतिशत अधिक संक्रामक है। इसने प्रभावित इलाकों में कोरोना के मामलों में 300 प्रतिशत का इजाफा किया है। इस वैरिएंट में पिछले कुछ महीनों में ही 23 बार म्यूटेशन हुआ है जो हैरान करने वाला है।

यह स्ट्रेन इसलिए ज्यादा खतरनाक है क्योंकि इसके 8 रूप जीन में प्रोटीन बढ़ाने वाले हैं। लेकिन इसमें दो सबसे ज्यादा चिंता पैदा करने वाले हैं। पहला, N501Y रूप, इसके कारण वायरस और ज्यादा खतरनाक हो सकता है और शरीर के सेल्स पर हमला कर सकता है। दूसरा, H69/V70। यह रूप शरीर की इम्युन क्षमता को नुकसान पहुंचाने वाली है।

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