उत्तराखंड: सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट करने पर शिक्षकों और कार्मिकों पर होगी कार्रवाई, निदेशक के नजर रखने के निर्देश

देहरादून: उत्तराखंड में शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कार्मिकों को अब सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ पोस्ट लिखना महंगा पड़ेगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी ने आज सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। जिसमें उन्होंने अधिकारियों को कई निर्देश जारी किए।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से बड़ा निर्देश दिया गया कि, सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ सवाल उठाने वाले पोस्ट लिखने का संज्ञान अधिकारियों द्वारा लिया जाय। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि, वह ऐसे शिक्षकों और कर्मियों पर नजर रखें जो सरकार की नीतियों के खिलाफ लिखते हैं। इन पर कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत कार्यवाही करें।

लंबे समय से शिक्षा विभाग में इस बात पर चर्चा चल रही थी कि, आखिर जो शिक्षक सरकार के बेवजह शिक्षा मुद्दों से इतर भी सरकार के खिलाफ नीतियों और सरकार के फैसलों की आलोचना करते हैं, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई क्यों नहीं करता। लेकिन अब लगता है शिक्षा विभाग में निदेशक बदले जाने के बाद इस पर गंभीरता से अमल होने जा रहा है। आखिर जो शिक्षक सरकार के खिलाफ पोस्ट करेंगे, उनके खिलाफ विभाग कार्रवाई करेगा। कर्मचारी आचरण नियमावली में स्पष्ट उल्लेख है कि कोई भी कार्मिक सरकार के खिलाफ ऐसी कोई टिप्पणी नहीं करेगा जो सरकार के खिलाफ हो, लेकिन उत्तराखंड में कई बार कर्मचारी सरकार के फैसलों के खिलाफ टिप्पणी करते नजर आते हैं। जबकि कई राज्यों में हाल में ही देखा गया जो सरकारों के खिलाफ टिप्पणी की गई तो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई।

वहीं सवाल ये भी उठता है कि, शिक्षक की किस पोस्ट को सरकार के खिलाफ माना जाएगा, अपने हक को लेकर अगर शिक्षक कोई बात कहेगा तो क्या शिक्षकों को उसको लेकर भी कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा। वाजिब मांग और सवाल करने का पूरा मौका कर्मचारियों को भी मिलना चाहिए।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा अधिकारियों को एक हफ्ते के भीतर प्रवक्ता पदों पर पदोन्नति करने के लिए गोपनीय आख्या शिक्षकों की मांग की गई है, जिससे कि प्रवक्ता पदों पर प्रमोशन होने वाले शिक्षकों को जल्द इसका लाभ दिया जा सके। 15 दिन के भीतर शिक्षकों के लंबित प्रकरणों के निस्तारण करने के भी निर्देश माध्यमिक निदेशक ने सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को दिए हैं। कोर्ट केस के मामलों का भी निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। जिन मामलों का जवाब कोर्ट को दिया जाना है, उनका जवाब तैयार करने की बात सीमा जौनसारी ने कही।

सीमा जौनसारी का कहना है कि, 15 दिन के बाद फिर से वह सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और समीक्षा करेंगी कि जो निर्देश उन्होंने दिए थे उन पर कितना अमल अधिकारियों ने किया है। वहीं 22 जुलाई को 350 एलटी और प्रवक्ता शिक्षकों को डीपीसी का लाभ हेड मास्टर के पदों पर मिल जाएगा।

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