69 हजार शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े का खुलासा करने वाले IPS सत्यार्थ का ट्रांसफर, भेजा वेटिंग लिस्ट में

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प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में 69 हजार शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े का खुलासा करने वाले प्रयागराज के एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज को प्रतीक्षारत सूची में डाल दिया गया है। उनकी जगह आईपीएस अभिषेक दीक्षित को प्रयागराज का नया एसएसपी बनाया गया है। इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी चंद्रमा यादव की गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं। अब इस मामले की जांच एसटीएफ कर रही है।

आईपीएस सत्यार्थ अनिरुद्ध ने ट्वीट कर कहा कि, “एसएसपी प्रयागराज पद पर रहते हुए प्रयागराज की जनता ने जो प्यार और भरोसा दिया उसका मैं सदैव आभारी रहूँगा। आपका यह भरोसा पुलिस पर सदैव बना रहे यही कामना है। प्रयागराजवासियों को अशेष शुभकामनायें।“

वहीं प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि, शिक्षक भर्ती के मामले में तमाम एफआईआर कराने और नकल माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने पर एसएसपी को सजा के तौर पर वेटिंग लिस्ट पर भेजा गया है। तमाम प्रतियोगी छात्र एसएसपी के ट्रांसफर को लेकर सोशल मीडिया पर अपना विरोध भी जता रहे हैं।

बता दें कि, इससे पहले 19 अगस्त 2019 को उन्हें इलाहबाद का एसएसपी बनाया गया था। तब प्रयागराज जिले में 12 घंटे में ताबड़तोड़ 6 लोगों की हत्या के मामले में योगी सरकार ने सख्त कार्रवाई कर एसएसपी अतुल शर्मा को हटा दिया था।

वहीं शिक्षक भर्ती मामले में एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बतौर एसएसपी प्रयागराज के सोरांव थाने में एक प्रतियोगी छात्र के अनुरोध पर एफआईआर कराई थी। इससे पहले जिन अभ्यर्थियों से इस गैंग के सदस्यों ने लाखों रुपए वसूला था, वह डर के मारे सामने नहीं आ रहे थे। एसएसपी ने शिक्षा जगत की बुनियाद में सेंध लगाकर ईमानदार, परिश्रमी अभ्यर्थियों का हक मारने वाले माफियाओं का तंत्र ध्वस्त करने के लिए एएसपी अशोक वेंकटेश और अनिल यादव को लगाया।

उन्होंने खुद जांच की मॉनिटरिंग की थी। कुछ ही घंटे में परिणाम आने शुरू हो गए। शुरुआती दौर में ही प्रयागराज कार से जा रहे 6 संदिग्धों को साढ़े सात लाख रुपये के साथ हिरासत में लिया। इसके अलावा तमाम स्कूलों के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए नकल माफिया कृष्ण लाल पटेल समेत तमाम आरोपी गिरफ्तार किए गए। वहीं पुलिस अफसरों ने गैंग में शामिल डॉ. कृष्ण लाल पटेल, स्कूल संचालक ललित त्रिपाठी और लेखपाल संतोष बिंदु को हिरासत में लेकर पूछताछ की और 22 लाख से अधिक कैश बरामद कर लिया।

अब प्रयागराज के एसएसपी पद से हटाने के बाद सत्यार्थ अनिरुद्ध को अभी नई तैनाती नहीं दी गई है, उन्हें प्रतीक्षारत रखा गया है वहीं, एसपी पीलीभीत अभिषेक दीक्षित को अब प्रयागराज की कमान दी गई है। प्रतियोगी छात्रों का आरोप है कि नकल माफिया और शिक्षक भर्ती की अनियमितता को उजागर करने के कारण ही सरकारी तंत्र ने एसएसपी पर कड़ी कार्रवाई की है। प्रयागराज के तमाम प्रतियोगी छात्र एसएसपी के ट्रांसफर को लेकर सोशल मीडिया पर अपना विरोध भी जता रहे हैं।

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