Solar Eclipse: देशभर में दिखा सूर्य ग्रहण का दुर्लभ दृश्य, देखें विभिन्न शहरों के नजारे..

Solar Eclipse surya grahan

नई दिल्ली: आज साल का पहला सूर्य ग्रहण लगा। ज्योतिषाचार्यों  के अनुसार उत्तर भारत  में सुबह 10.33 से प्रारम्भ है जो दोपहर बाद दोपहर 2.04 बजे तक रहेगा। इस ग्रहण को जो एक चीज बेहद दुर्लभ बनाती है, वह यह है कि इसके बाद भारत से इस सदी में सिर्फ तीन सूर्यग्रहण और दिखाई देंगे, वे भी लंबे अंतरालों के बाद। देश के अलग शहरों से सूर्य ग्रहण की तस्वीरें आ रही है। उत्तराखंड में भी सूर्य ग्रहण का अद्भुत नजारा दिखा। इसके बाद अगला ग्रहण दिसंबर में लगेगा।

ग्रहण के दौरान सूर्य एक वलय/फायर रिंग/चूड़ामणि के रूप में भी नजर आया। जानकारों के मुताबिक इस तरह का वलयाकार सूर्य ग्रहण इससे पहले 21 अगस्त 1933 को लगा था। 21 जून के बाद यह 21 मई 2034 को लगेगा।

सूर्य ग्रहण

भौतिक विज्ञान की दृष्टि से जब सूर्य व पृथ्वी के बीच में चन्द्रमा आ जाता है तो चन्द्रमा के पीछे सूर्य का बिम्ब कुछ समय के लिए ढ़क जाता है, उसी घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। पृथ्वी सूरज की परिक्रमा करती है और चंद्र पृथ्वी की। कभी-कभी चाँद, सूर्य और धरती के बीच आ जाता है। फिर वह सूर्य की कुछ या सारी रोशनी रोक लेता है जिससे धरती पर साया फैल जाता है। इस घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है।

वलयाकार सूर्य ग्रहण

वलयाकार सूर्य ग्रहण में जब चन्द्रमा पृथ्वी के काफ़ी दूर रहते हुए पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है अर्थात चन्द्र सूर्य को इस प्रकार से ढकता है, कि सूर्य का केवल मध्य भाग ही छाया क्षेत्र में आता है और पृथ्वी से देखने पर चन्द्रमा द्वारा सूर्य पूरी तरह ढका दिखाई नहीं देता बल्कि सूर्य के बाहर का क्षेत्र प्रकाशित होने के कारण कंगन या वलय के रूप में चमकता दिखाई देता है। कंगन आकार में बने सूर्यग्रहण को ही वलयाकार सूर्य ग्रहण कहलाता है।

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