सांसद अजय भट्ट को पीएम मोदी ने सौंपी महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी, उत्तराखंड की बढ़ी उम्मीदें

नई दिल्ली: मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पहली बार कैबिनेट में फेरबदल और विस्तार किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में 43 नेताओं को शामिल किया गया है। केन्द्रीय मंत्रिमंडल में अब उत्तराखंड से रमेश पोखरियाल निशंक की जगह नैनीताल-ऊधमसिंहनगर से भाजपा सांसद अजय भट्ट को जगह दी गई है। उत्तराखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और लोक सभा सांसद अजय भट्ट ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली।

पहली बार सांसद बने भ‌ट्ट को पीएम मोदी की कैबिनेट में जगह मिलने के बाद उत्तराखंडवासियों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। अजय भट्ट को रक्षा मंत्रालय और पर्यटन में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। रक्षा राज्य मंत्री बनाकर भाजपा ने सैन्य भूमि उत्तराखंड के सौनिक वोट बैंक पर सेंधमारी की कोशिश की है। वहीं पर्यटन प्रदेश की सम्भावना को देखते हुए अजय भट्ट से उत्तराखंड वासियों की भी उम्मीदें पर्यटन को लेकर जगी है।

भट्ट को ऐसे वक्त पर केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है जब राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में अब उन्हें कम समय में अच्छा प्रदर्शन कर उल्लेखनीय कार्य करके दिखाने होंगे। मोदी मंत्रीमंडल में नैनीताल- यूएसनगर के सांसद अजय भट्ट को शामिल कर, भाजपा आलाकमान ने एक सप्ताह के अंदर दूसरी बार कुमांऊ मंडल को शानदार तोहफा दिया है। इसे विधानसभा चुनाव से पहले कुमांऊ मंडल में पार्टी की किलेबंदी को मजबूत करने के रूप में भी देखा जा रहा है। गत सप्ताह ही पार्टी ने कुमाऊं में खटीमा से विधायक पुष्कर सिंह धामी को राज्य में मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी है। धामी मूल रूप से पिथौरागढ़ के रहने वाले हैं। अब पार्टी ने केंद्रीय मंत्रीमंडल में भी सांसद अजय भट्ट को मौका दे दिया है। अजय भट्ट भी सांसद तो नैनीताल – यूएसनगर जिले से हैं। लेकिन मूलरूप से वो भी अल्मोड़ा जिले के रहने वाले हैं।

शुरुआत से ही सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे अजय भट्ट का बचपन से आरएसएस से और फिर विद्यार्थी जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ाव रहा। राजनीति में आने से पहले वह अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस करते थे। उनका परिवार वकालत से आज भी जुड़ा है। अजय भट्ट की पत्नी भी वकील हैं। वह हाईकोर्ट में उत्‍तराखंड में सरकार की वकील भी हैं।

राज्य निर्माण आंदोलन में सांसद अजय भट्ट की सक्रिय और अहम भूमिका देखने को मिली। अजय भट्ट उत्तरांचल संघर्ष समिति के प्रमुख सदस्य भी रहे। उन्होंने वर्ष 1996 में पहली बार रानीखेत से चुनाव जीतकर उत्तर प्रदेश विधान सभा में रानीखेत क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।

अजय भट्ट उत्तर प्रदेश विधान सभा में लोक लेखा समिति तथा विधान सभा की विशेषाधिकार समिति के सभापति का दायित्व भी निभा चुके हैं। 09 नवम्बर 2000 को उत्तर प्रदेश से पृथक राज्य उत्तरांचल ( वर्तमान नाम उत्तराखंड) बनने के बाद भट्ट अन्तरिम सरकार में मंत्री बने।

2002 से 2007 और 2012 से 2017 तक रानीखेत विधान सभा का पुनः प्रतिनिधित्व कर उत्तराखंड विधान सभा में रानीखेत क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। 18 मई 2012 से 15 मार्च 2017 तक उत्तराखंड विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष रहे। 2015 में अजय भट्ट को नेता प्रतिपक्ष के साथ-साथ सर्व सहमति से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की दोहरी जिम्मेदारी भी दी गई।

अजय भट्ट 2019 में 17वीं लोकसभा में नैनीताल-ऊधमसिंहनगर वे पहली बार सांसद चुने गए। इस चुनाव में उन्होंने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जैसे दिग्गज को लगभग साढ़े तीन लाख वोटों से हराया और प्रदेश में सबसे ज्यादा मतों से जीतने वाले सांसद बने।

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