लॉकडाउन: गृह मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन, जानें क्या बंद और क्या रहेगा जारी

देशभर में 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ाए जाने के बाद आज गृह मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी की। इसमें कई सेवाओं पर रोक जारी रखी गई है। साथ ही कई सेवाओं में रियायत दी गई है।

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के चलते देशभर में लॉक डाउन को तीन मई तक बढ़ाए जाने के बाद सरकार ने आज बुधवार को नए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। यह दिशा निर्देश तीन मई तक के लिए जारी किए गए हैं।

क्या-क्या बंद रहेंगे

सभी डोमेस्टिक या इंटरनेशनल हवाई सेवा, रेल और सड़क मार्ग से यात्रा करना, शैक्षणिक और सभी एजुकेशनल ट्रेनिंग कोचिंग सेंटर, औद्योगिक और वाणिज्यिक गतिविधियां, होटल, टैक्सी, ऑटो रिक्शा, साईकिल रिक्शा, सिनेमा हॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्वीमिंग पूल, बार, थियेटर, कोई भी इवेंट, सभी धार्मिक स्थान पर जारी रोक लागू रहेगी। किसी भी अंतिम संस्कार में 20 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। साथ ही किसी भी तरह के सामाजिक, राजनीतिक और अन्य आयोजनों पर भी रोक जारी रहेगी।

किसे-किसे मिली रियायत

आवश्यक सामानों और दवाईयों का उत्पादन जारी रहेगा। लॉकडाउन के दूसरे चरण में खेती से जुड़े कामों को छूट दी गई हैं। मंडियों भी चालू रहेंगी। कृषि से जुड़ी दुकानें, स्पेयर पार्ट्स की दुकानें भी खुली रहेंगी। इसके अलावा खेती से जुड़ी मशीनों को एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाने पर भी कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है। केबल टीवी, डीटीएच, टेलिफोन समेत आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी। बिजली मैकेनिक, कॉरपेंटर को इजाजत दी गई है। केंद्र ने मनरेगा के तहत कार्यों और राज्य सरकार की ओर किए जा रहे कंट्रक्शन वर्क में भी रियायत दी गई है। इस दौरान सोशल डिस्टेनसिंग बनाए रखने की अपील की गई है।

इसके अलावा कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थानों पर घर में बने मास्क का इस्तेमाल करना अनिवार्य कर दिया गया है। कार्यालयों को सैनिटाइटर उपलब्ध कराने, गाइडलाइन्स के अनुसार शिफ्ट चलाने, थर्मल स्क्रीनिंग कराने के आदेश भी दिए गए हैं।

कहाँ मिलेगी 20 अप्रैल के बाद रियायत

20 अप्रैल तक इलाकों की समीक्षा की जाएगी। जिन इलाकों में कोरोना के मामले नहीं आएंगे, समीक्षा के बाद कुछ इलाकों में मामूली रियायत दी जाएगी। हालांकि, रियायत देने से पहले राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से गाइडलाइन के पालन के सारे उपाय किए जाएंगे, ताकि ऑफिस, वर्कप्लेस, फैक्ट्री या संस्थानों में सोशल डिस्टेनसिंग का पालन हो सके।

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