Independence Day :पीएम मोदी ने लाल किले पर फहराया तिरंगा, पीएम मोदी के भाषण की ख़ास बातें..

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नई दिल्ली: कोरोना काल में देश आज 74वां स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लाल किले पर 74वें स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) पर तिरंगा फहराया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7वीं बार लालकिले पर झंडा फहराया। उन्होंने इस प्रतिष्ठित स्मारक की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने अपने 86 मिनट के भाषण में आत्मनिर्भर, आत्मनिर्भर भारत, कोरोना संकट, आतंकवाद, रिफॉर्म, मध्यमवर्ग और कश्मीर का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत पर ज्यादा जोर दिया। इस शब्द का 30 बार इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि अब कोरोना के बीच 130 करोड़ लोगों ने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया है।

4000 मेहमान आए

इस बार स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) के मौके पर नेताओं, अफसर, डिप्लोमैट्स और मीडियाकर्मियों समेत 4 हजार से कुछ ज्यादा लोगों को न्योता दिया गया। पिछले साल तक प्रधानमंत्री के भाषण को देखने के लिए कम से कम 10,000 लोग समारोह में शामिल होते थे। महामारी से बचाव को लेकर कुछ खास इंतजाम किए गए। इस बार लाल किले पर समारोह में स्कूली बच्चों की बजाय 1500 ऐसे लोग शामिल हुए, जिन्होंने कोरोना पर जीत हासिल की। पीएम मोदी का संबोधन डेढ़ घंटे का रहा।

पीएम मोदी के भाषण की ख़ास बातें..

Independence Day: 15 अगस्त आजादी के रणबांकुरों को नमन करने का पर्व

आज जो हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे मां भारती के लाखों बेटे-बेटियों का त्याग-बलिदान और समर्पण है। आज आजादी के वीरों, रणबांकुरों का नमन करने का पर्व है। हमारी सेना-अर्धसैनिक बलों के जवान, पुलिस के जवान, सुरक्षाबलों से जुड़े हर कोई, मां भारती की रक्षा में जुटे रहते हैं। आज उनकी सेवा को भी नमन करने का पर्व है।

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मेक इन इंडिया के साथ-साथ मेक फ़ॉर वर्ल्ड

भारत को आधुनिकता की तरफ़, तेज़ गति से ले जाने के लिए, देश के कुल मिलाकर इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट को एक नई दिशा देने की ज़रूरत है। ये ज़रूरत पूरी होगी- नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन प्रोजेक्ट से। इस पर देश 100 लाख करोड़ रुपए से ज़्यादा खर्च करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अलग-अलग सेक्टर्स के लगभग 7 हज़ार प्रोजेक्ट्स की पहचान भी की जा चुकी है। ये एक तरह से इंफ्रास्ट्रक्चर में एक नई क्रांति की तरह होगा।

आत्मनिर्भर कृषि, आत्मनिर्भर किसान, आत्मनिर्भर भारत

देश के किसानों को आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर देने के लिए कुछ दिन पहले ही एक लाख करोड़ रुपए का ‘एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड’ बनाया गया है। इसी लाल क़िले से पिछले वर्ष मैंने जल जीवन मिशन का ऐलान किया था। आज इस मिशन के तहत अब हर रोज एक लाख से ज़्यादा घरों को पानी के कनेक्शन से जोड़ने में सफलता मिल रही है। बीते पांच साल में देश में डेढ़ लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा गया है। आने वाले 1000 दिन में देश के हर गांव को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जाएगा।

महिलाओं ने देश का नाम रोशन किया

भारत में महिलाशक्ति को जब-जब भी अवसर मिले, उन्होंने देश का नाम रोशन किया, देश को मज़बूती दी है। आज भारत में महिलाएं अंडरग्राउंड कोयला खदानों में काम कर रही हैं, तो लड़ाकू विमानों से आसमान की बुलंदियों को भी छू रही हैं। देश के जो 40 करोड़ जनधन खाते खुले हैं, उसमें से लगभग 22 करोड़ खाते महिलाओं के ही हैं। कोरोना के समय में अप्रैल-मई-जून, इन तीन महीनों में महिलाओं के खातों में क़रीब-क़रीब 30 हजार करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर किए गए हैं।

भारत कोरोना की तीन वैक्सीन बना रहा है

देश में फिलहाल कोरोना की तीन वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। देश के वैज्ञानिक फिलहाल कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं, वह तपस्या में जुटे हुए हैं।  जब भी कोरोना वायरस की बात होती है तो हर किसी के जेहन में सवाल होता है कि आखिर वैक्सीन कब तक तैयार होगी। हमारे देश के वैज्ञानिक ऋषि-मुनि की तरह है, जो फिलहाल लैब में कड़ी तपस्या कर रहे हैं। आज भारत में कोराना की एक नहीं, दो नहीं, तीन-तीन वैक्सीन्स इस समय टेस्टिंग के चरण में हैं। जैसे ही वैज्ञानिकों से हरी झंडी मिलेगी, देश की तैयारी उन वैक्सीन की बड़े पैमाने पर उत्पादन की है। इसको लेकर देश में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। देश में हर किसी को वैक्सीन मिले इसको लेकर सरकार ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।

नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन शुरू

हेल्थ सेक्टर में आज से बहुत बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। आज से नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन की शुरुआत हो रही है। भारत के हेल्थ सेक्टर में यह नई क्रांति लाएगा। हर भारतीय को हेल्थ आईडी दी जाएगी। यह उसके खाते की तरह काम करेगी। आपकी बीमारी, किस डॉक्टर ने क्या दवा दी, रिपोर्ट क्या थी। यह सारी जानकारी इसमें शामिल की जाएगी। पैसा जमा करना हो, अस्पताल में पर्ची बनवाने की भागदौड़ हो, इससे मुक्ति मिलेगी। उत्तम स्वास्थ्य के लिए हर नागरिक सही फैसले कर पाएगा।

भारत की संस्कृति मिटाने के लिए हर कोशिश की गई

भारत को अपनी संस्कृति, परंपरा, रीति-रिवाज से उखाड़ फेंकने के लिए क्या कुछ नहीं हुआ। वह सैकड़ों कालों का कालखंड था। साम-दाम-दंड-भेद, सब कुछ अपने चरम पर था। कुछ लोग ये मानकर चलते थे कि यहां पर राज करने के लिए आए हैं। लेकिन आजादी की ललक ने उनके सारे मंसूबों को जमींदोज कर दिया। उनकी सोच थी कि इतना बड़ा विशाल देश, अनेक राजे-रजवाड़े, भांति-भांति की बोलियां, खानपान, अनेक भाषाएं, इतनी विविधताओं के कारण बिखरा देश कभी एक होकर आजादी की लड़ाई नहीं लड़ सकता, लेकिन वे यहां की प्राण शक्ति नहीं पहचान पाए। हमारे पूर्वजों ने अखंड एकनिष्ठ तपस्या करके हमें जिस प्रकार से आजादी दिलाई।

नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन शुरू

हेल्थ सेक्टर में आज से बहुत बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। आज से नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन की शुरुआत हो रही है। भारत के हेल्थ सेक्टर में यह नई क्रांति लाएगा। हर भारतीय को हेल्थ आईडी दी जाएगी। यह उसके खाते की तरह काम करेगी। आपकी बीमारी, किस डॉक्टर ने क्या दवा दी, रिपोर्ट क्या थी। यह सारी जानकारी इसमें शामिल की जाएगी। पैसा जमा करना हो, अस्पताल में पर्ची बनवाने की भागदौड़ हो, इससे मुक्ति मिलेगी। उत्तम स्वास्थ्य के लिए हर नागरिक सही फैसले कर पाएगा।

भारत को नई नीति और नई रीति के साथ ही आगे बढ़ना होगा

आज भारत ने असाधारण समय में असंभव को संभव किया है। इसी इच्छा शक्ति के साथ प्रत्येक भारतीय को आगे बढ़ना है। वर्ष 2022, हमारी आजादी के 75 वर्ष का पर्व, अब बस आ ही गया है। 21वीं सदी के इस दशक में अब भारत को नई नीति और नई रीति के साथ ही आगे बढ़ना होगा। अब साधारण से काम नहीं चलेगा।

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