कांग्रेस के ‘चाणक्य’ अहमद पटेल का निधन, कोरोना का चल रहा था उपचार

नई दिल्ली: सोनिया गांधी के अति करीबी व कद्दावर कांग्रेस नेता अहमद पटेल का निधन हो गया है। वह कोरोना पॉजिटिव होने के बाद करीब एक महीने से गुरुग्राम के अस्पताल में इलाज भर्ती थे। उनके बेटे फैजल ने अपने पिता के मौत की पुष्टि की। 71 साल के अहमद पटेल तीन बार लोकसभा के सदस्य रहे और 5 बार राज्यसभा के सांसद रहे हैं। अगस्त 2018 में उन्हें कांग्रेस पार्टी का कोषाध्याक्ष नियुक्त किया गया था।

अहमद पटेल के बेटे फैजल ने अपने ट्वीट में लिखा, “गहन दुःख के साथ मुझे अपने पिता अहमद पटेल के असामयिक निधन की घोषणा करने का अफसोस है। एक महीने पहले COVID पॉजिटिव पाए जाने के बाद उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया। कई अंग फेल हो गए। अपने सभी शुभचिंतकों से सामूहिक समारोहों से बचने के लिए COVID -19 नियमों का पालन करने का अनुरोध करता हूं।”

एक अक्टूबर को अहमद पटेल ने एक ट्वीट कर खुद के कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी दी थी। पटेल ने कहा था कि ‘मैं कोरोना पॉजिटिव हुआ हूं, मैं निवेदन करता हूं कि जो मेरे नजदीकी संपर्क में आएं है वे खुद को आइसोलेट कर लें।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि ”अहमद पटेल जी का निधन दुखद है। उन्होंने कई साल सार्वजनिक जीवन में बिताए और समाज की सेवा की। उनके तेज दिमाग और कांग्रेस को मजबूत करने में उनकी भूमिका के लिए उन्हें सदा याद किया जाएगा। उनके बेटे फैसल से बात की और संवेदना व्यक्त की। अहमद भाई की आत्मा को शांति मिले।”

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट में लिखा, ‘यह एक दुखद दिन है। अहमद पटेल कांग्रेस पार्टी के एक स्तंभ थे। उन्होंने कांग्रेस में रहकर सांस ली और सबसे कठिन समय में पार्टी के साथ खड़े रहे। हम उन्हें याद करेंगे। फैसल, मुमताज और परिवार को मेरा प्यार और संवेदना।

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जमाने में पटेल पहली बार 1977 में 26 साल की उम्र में भरूच संसदीय सीट से लोकसभा का चुनाव लड़े और विजयी हुए। हमेशा पर्दे के पीछे से राजनीति करने वाले अहमद पटेल कांग्रेस परिवार के विश्वस्त नेताओं में गिने जाते थे. वे 1993 से राज्यसभा सांसद थे। पटेल को 10 जनपथ का चाणक्‍य कहा जाता था। कांग्रेस पार्टी में उनका दबदबा था। उनके बारे में खास बात यह है कि वह कभी मंत्री नहीं रहे, लेकिन सत्‍ता के केंद्र में रहे।

देश के सबसे पुराने राजनीतिक दल कांग्रेस को पिछले दो दिन में ये दूसरा गहरा सदमा है। इससे पहले असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का सोमवार को निधन हो गया था। गोगोई और पटेल दोनों ही नेताओं की गिनती कांग्रेस के सबसे भरोसेमंद सारथी के तौर पर होती थी, तो वहीं दोनों ही गांधी परिवार के करीबी भी माने जाते थे। पूर्व में तरुण गोगोई ने लंबे वक्त तक कांग्रेस का किला संभाले रखा, तो पश्चिम और उत्तर भारत में वही काम अहमद पटेल करते आए।

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